Best Gastrologist In Bikaner – Dr. Nikhil Gandhi

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी · बीकानेर

कब्ज़ का इलाज

पुरानी कब्ज़ को मामूली समझकर नज़रअंदाज़ न करें। ज़्यादातर मामलों में सही आदतों और जांच से राहत मिलती है।

एक मिनट में जवाब

हर व्यक्ति का पेट साफ होने का तरीका अलग होता है, इसलिए रोज़ शौच न होना अपने आप में कब्ज़ नहीं है। असली संकेत हैं कड़ा मल, ज़ोर लगाना और पेट पूरी तरह साफ न होने का अहसास। फाइबर, पानी और हल्की कसरत से राहत मिलती है, पर लंबे समय तक दिक्कत रहे तो कारण जानना ज़रूरी है।

क्या यह वाकई कब्ज़ है?

कब्ज़ के आम संकेत हैं: कड़ा मल, ज़ोर लगाना पड़ना, हफ्ते में तीन बार से कम मल त्याग, या पेट पूरी तरह साफ न होने का अहसास।

रोज़ की आदतें

फाइबर वाली डाइट, खूब पानी, और हल्की कसरत से कब्ज़ में राहत मिलती है। लंबे समय तक दिक्कत रहे तो डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।

कब डॉक्टर को दिखाएं

जांच और इलाज

लंबे समय की कब्ज़ में डॉक्टर कारण जानने के लिए ज़रूरी जांच कर सकते हैं। इलाज कारण पर निर्भर करता है, और बिना सलाह के लगातार जुलाब लेने से बचना चाहिए। हर मरीज़ की स्थिति अलग होती है, इसलिए सही जांच के बाद ही इलाज तय किया जाता है।

फाइबर और पानी: राहत की शुरुआत

ज़्यादातर मामलों में फाइबर वाला खाना, पर्याप्त पानी और हल्की कसरत से कब्ज़ में राहत मिलती है। रोज़ जुलाब पर निर्भर न रहें।

आम कारण

घरेलू बचाव

डॉ. निखिल गांधी के बारे में

पेट, लिवर और पैंक्रियाज़ से जुड़ी बीमारियों की जांच और इलाज में अनुभवी। मरीज़ अपनी भाषा में आराम से बात कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गैस और एसिडिटी की एक ही दवा होती है?

ज़रूरी नहीं। गैस और एसिडिटी के कारण अलग हो सकते हैं, इसलिए सही इलाज जांच के बाद ही तय होता है।

क्या रोज़ एंटासिड लेना ठीक है?

बिना सलाह के लंबे समय तक दवा लेना सही नहीं है। बार-बार ज़रूरत पड़े तो कारण की जांच कराएं।

गैस की समस्या में कौन सा डॉक्टर दिखाएं?

पेट से जुड़ी लगातार समस्या के लिए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह लेना सही रहता है।

पुरानी कब्ज़ का कारण जानिए

रोज़ जुलाब पर निर्भर रहने के बजाय, जांच के बाद सही इलाज कराएं।

ट्रांसपोर्ट गली

गंगाशहर रोड, लक्ष्मी बिल्डिंग के सामने, बीकानेर

कोठारी हॉस्पिटल

NH 11, बीकानेर

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