गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की विशेषज्ञ सलाह | कोठारी हॉस्पिटल, बीकानेर
पथरी की समस्या क्या है और क्यों बढ़ रही है?
पथरी आज के समय में एक बेहद आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है। भारत में हर 10 में से 3 लोग किसी न किसी प्रकार की पथरी से परेशान हैं। यह समस्या खासकर राजस्थान जैसे रेगिस्तानी इलाकों में तेजी से बढ़ रही है, जहां गर्मी अधिक होती है और पानी की कमी रहती है।
पथरी का सीधा मतलब है शरीर के अंदर छोटे-छोटे पत्थर जैसी चीजों का बनना। ये मुख्यतः दो जगह बनती हैं – पित्ताशय में (गॉल स्टोन) और किडनी में (किडनी स्टोन)। दोनों ही प्रकार की पथरी अलग-अलग कारणों से बनती हैं और इनके इलाज भी अलग होते हैं।
पित्त की पथरी सबसे आम समस्या है जो गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के पास आती है। यह विशेषकर 30-50 साल की महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है। वहीं किडनी स्टोन की समस्या पुरुषों में थोड़ी अधिक होती है और यह मुख्यतः कम पानी पीने से होती है।
पथरी के लक्षण - कैसे पहचानें कि आपको पथरी है?
पित्त की पथरी के मुख्य लक्षण
पित्त की पथरी का सबसे प्रमुख लक्षण पेट के दाईं तरफ ऊपरी हिस्से में तेज दर्द होता है। यह दर्द अक्सर खाना खाने के बाद, खासकर तैलीय या मसालेदार खाना खाने के बाद बढ़ जाता है। दर्द कई बार इतना तेज होता है कि मरीज को लगता है कि दिल का दौरा पड़ रहा है।
इस दर्द की खासियत यह है कि यह अक्सर रात के समय होता है और पीठ व कंधे तक फैल जाता है। मरीज को लगता है कि कोई चाकू से छुरा घोंप रहा है। यह दर्द आमतौर पर 30 मिनट से लेकर कई घंटों तक रह सकता है।
पाचन संबंधी समस्याएं भी आम हैं। खाना खाने के बाद भारीपन लगना, मतली और उल्टी होना, गैस और खट्टी डकार आना जैसी समस्याएं होती हैं। कई मरीजों को फैटी फूड देखकर ही जी मिचलाने लगता है।
जब स्थिति गंभीर हो जाती है तो आंखों और त्वचा का पीला होना (पीलिया), तेज बुखार के साथ ठंड लगना, लगातार उल्टी होना और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ये लक्षण जानलेवा हो सकते हैं और इनमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
किडनी स्टोन के लक्षण
किडनी स्टोन के लक्षण अलग होते हैं। इसमें मुख्यतः कमर में एक तरफ तेज दर्द होता है, जो नीचे पेट तक आ सकता है। पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब का आना और जलन के साथ पेशाब होना भी आम लक्षण हैं।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए
अगर आपको तेज पेट दर्द है जो 2 घंटे से ज्यादा समय से हो, आंखों का पीला होना, 101°F से ज्यादा बुखार, लगातार उल्टी (पानी भी न रुके), या सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो यह emergency situation है। इन लक्षणों के आने पर घरेलू नुस्खे न आजमाएं और तुरंत अस्पताल जाएं।
पथरी बनने के मुख्य कारण
पित्त की पथरी क्यों बनती है
गलत खान-पान पित्त की पथरी का सबसे बड़ा कारण है। राजस्थानी खाने में बहुत ज्यादा तेल-मसाले का इस्तेमाल होता है। घी, मक्खन, तली हुई चीजों का अधिक सेवन, बाहर का खाना जैसे पिज़्जा, बर्गर, समोसे का रोज़ाना सेवन पथरी बनने का कारण बनता है। देर रात खाना खाना या खाना skip करना भी नुकसानदायक है।
मोटापा सबसे बड़ा risk factor है। जब शरीर में अतिरिक्त चर्बी होती है तो पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है। एक्सरसाइज न करना, तनाव और अनियमित दिनचर्या भी पथरी के लिए जिम्मेदार हैं।
महिलाओं में विशेष कारण हैं जैसे गर्भावस्था के दौरान हार्मोन्स में बदलाव और birth control pills का लंबे समय तक इस्तेमाल। Estrogen hormone पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ाता है।
अचानक से वजन कम करने की कोशिश भी खतरनाक है। जब हम crash diet करते हैं तो लीवर अधिक कोलेस्ट्रॉल release करता है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है।
किडनी स्टोन के कारण
किडनी स्टोन का मुख्य कारण कम पानी पीना है, जो राजस्थान की गर्मी में बहुत आम समस्या है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो urine concentrated हो जाता है और minerals crystallize होकर पथरी बना देते हैं। नमक ज्यादा खाना, प्रोटीन की अधिकता और genetic factors भी किडनी स्टोन के कारण हैं।
आधुनिक इलाज - अब बिना चीरे के भी संभव है पथरी का इलाज
आज के समय में पथरी का इलाज पहले की तुलना में बहुत आसान और सुरक्षित हो गया है। 15-20 साल पहले पथरी का मतलब था बड़ा ऑपरेशन, लंबा अस्पताल में रहना और महीनों तक आराम। लेकिन अब स्थिति बिल्कुल अलग है।
एंडोस्कोपिक पथरी निकालना - बिना चीरे का इलाज
एंडोस्कोपी आज के समय में पित्त की पथरी का सबसे advanced और effective इलाज है। यह एक ऐसी technique है जिसमें मुंह के रास्ते एक पतली, flexible नली को अंदर डाला जाता है। इस नली के अंत में एक छोटा camera होता है जो पूरी प्रक्रिया को monitor करता है।
इस procedure में सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई चीरा नहीं लगाना पड़ता। Endoscope को mouth से stomach होते हुए small intestine तक ले जाया जाता है, जहां पित्त की नली का opening होता है। यहां विशेष औजारों की मदद से पथरी को safely निकाला जाता है।
एंडोस्कोपिक प्रक्रिया आमतौर पर 30-45 मिनट में पूरी हो जाती है। Patient को sedation दिया जाता है इसलिए कोई दर्द महसूस नहीं होता। सबसे अच्छी बात यह है कि 95% cases में यह successful होता है और patient को उसी दिन घर जाने की अनुमति मिल जाती है।
पित्त नली का विस्तार - दर्दरहित इलाज
कई बार एंडोस्कोपी के साथ पित्त नली का मुंह थोड़ा बड़ा करना पड़ता है ताकि पथरी आसानी से निकल सके। यह भी एक minimal invasive procedure है जिसमें कोई side effects नहीं होते।
अस्थायी नली लगाना - सुरक्षित इलाज
जब पथरी बड़ी होती है या पित्त की नली में सूजन होती है तो छोटी प्लास्टिक नली लगानी पड़ती है। यह bile के सही flow को maintain करती है। 2-3 महीने बाद इसे आसानी से निकाल दिया जाता है।
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
जब एंडोस्कोपिक इलाज से काम नहीं बनता या gallbladder में multiple stones हों तो laparoscopic surgery की जाती है। इसमें पेट में 3-4 छोटे holes बनाकर पित्ताशय को निकाला जाता है। यह भी minimal invasive technique है जिसमें 2-3 दिन अस्पताल में रहना पड़ता है और recovery बहुत तेज़ होती है।
दवाई से इलाज
5mm से छोटी पथरी के लिए Ursodeoxycholic acid tablets दी जाती हैं। यह 6-12 महीने का long-term treatment है जो सिर्फ छोटी cholesterol stones के लिए effective है।
किडनी स्टोन का इलाज
किडनी स्टोन के लिए Extracorporeal Shock Wave Lithotripsy (ESWL) सबसे common treatment है। इसमें बाहर से shock waves भेजकर पथरी को तोड़ा जाता है। बड़ी stones के लिए laser treatment या percutaneous nephrolithotomy की जाती है।
बचाव और रोकथाम - सबसे महत्वपूर्ण उपाय
किडनी स्टोन का इलाज
पथरी से बचने के लिए सबसे जरूरी है सही खान-पान। राजस्थानी खाने को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसे modify करना है। दाल-बाटी में कम ghee का इस्तेमाल करें, गट्टे की सब्जी में oil कम करें और मिर्ची बड़ा को occasional treat की तरह खाएं।
हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाना चाहिए। पालक, मेथी, करेला जैसी सब्जियां fiber से भरपूर होती हैं और digestion को बेहतर बनाती हैं। हर खाने के साथ सलाद खाना जरूरी है क्योंकि यह fat absorption को कम करता है।
बाजरे की रोटी wheat की रोटी से बेहतर विकल्प है। दाल-चावल कम तेल में बनाएं और छाछ बिना नमक का पिएं। नींबू पानी भी फायदेमंद है लेकिन चीनी और नमक कम रखें।
बिल्कुल avoid करने वाली चीजें हैं deep fried items जैसे समोसा, कचौरी का रोज़ाना सेवन, बहुत ज्यादा घी, fast food जैसे pizza, burger, momos, packaged snacks, chips, namkeen और बहुत मीठी चीजें।
पानी पीने का सही तरीका
राजस्थान की गर्मी में पानी पीना जीवनरक्षक है। सुबह उठते ही 2 गिलास पानी पीना चाहिए, दिन में कम से कम 4-5 लीटर पानी पीना जरूरी है। खाने से पहले 1 गिलास पानी और सोने से पहले भी 1 गिलास पानी पीना चाहिए।
पानी की quality भी महत्वपूर्ण है। अगर TDS ज्यादा है तो RO water का इस्तेमाल करें। कभी-कभी नींबू मिलाना helpful है और गर्मियों में ORS का सेवन करना चाहिए।
गर्मी के सीजन में (मार्च से जून तक) extra precautions लेनी चाहिए। 6-7 लीटर तक पानी पीना चाहिए, घर पर बना ORS रखना चाहिए, AC में ज्यादा रहना चाहिए और दिन में भारी खाना avoid करना चाहिए।
व्यायाम और जीवनशैली
Daily routine में सुबह की सैर सिर्फ 30 मिनट की करनी चाहिए। योग, विशेषकर सूर्य नमस्कार बहुत फायदेमंद है। Lift की बजाय सीढ़ियां चढ़ना चाहिए और रात को 10-11 बजे सोने की आदत डालनी चाहिए।
Weight management बहुत जरूरी है। धीरे-धीरे वजन कम करना चाहिए, अचानक से crash diet नहीं करनी चाहिए। महीने में 2-3 kg से ज्यादा वजन कम करना harmful है।
नियमित जांच कब कराएं
Family history है तो साल में एक बार ultrasound कराना चाहिए। Diabetes के मरीज़ों को 6 महीने में एक बार check-up कराना चाहिए। मोटापे की समस्या है तो साल में एक बार जांच जरूरी है। 40 साल के बाद सभी को routine ultrasound कराना चाहिए।
बचाव और रोकथाम - सबसे महत्वपूर्ण उपाय
केस स्टडी: 52 वर्षीय व्यापारी की सफलता
श्री रामेश जी एक 52 साल के व्यापारी थे जिन्हें 20mm की बड़ी पथरी की समस्या थी। 2 साल से वे इस दर्द से परेशान थे। कई डॉक्टरों ने बड़ा ऑपरेशन बताया था लेकिन एंडोस्कोपिक technique से successfully पथरी निकाली गई।
आम सवाल और उनके जवाब
Q. क्या पथरी वापस बन सकती है?
Ans. हां, अगर lifestyle में बदलाव नहीं किए जाएं तो 30% chances हैं कि पथरी वापस बन सकती है। लेकिन proper diet और exercise से इसे पूरी तरह बचा जा सकता है।
Q. एंडोस्कोपी में दर्द होता है क्या?
Ans. बिल्कुल नहीं। Patient को sedation दिया जाता है इसलिए procedure के दौरान कुछ पता नहीं चलता। जागने पर procedure complete हो चुकी होती है।
Q. इलाज की cost कितनी आती है?
Ans. एंडोस्कोपिक इलाज की cost traditional surgery से 60% कम होती है। अधिकतर health insurance policies इसे cover करती हैं।
Q. क्या हर पथरी एंडोस्कोपी से निकल सकती है?
Ans. 90% cases में एंडोस्कोपिक इलाज successful होता है। बहुत बड़ी या complicated cases में laparoscopic surgery की जरूरत होती है।
Q. क्या पित्ताशय निकालना हमेशा जरूरी है?
Ans. नहीं, हमेशा जरूरी नहीं। Stone निकालने के बाद अगर gallbladder का function अच्छा है तो उसे रखा जा सकता है।
तुरंत शुरू करने योग्य Action Plan
आज से ही पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए, तली हुई चीजों को कम करना चाहिए, सुबह की सैर शुरू करनी चाहिए और अगर कोई symptoms हैं तो तुरंत doctor से appointment लेना चाहिए।
इस हफ्ते complete health check-up कराना चाहिए, 40+ age है तो ultrasound जरूरी है, family members को भी जांच करानी चाहिए और proper diet plan बनाना चाहिए।
इस महीने का target होना चाहिए 2 kg वजन कम करने की कोशिश, exercise routine set करना और regular doctor visits schedule करना।
विशेषज्ञ सेवाएं और संपर्क
कोठारी हॉस्पिटल, बीकानेर में advanced endoscopy और पथरी निकालने की आधुनिक सुविधा उपलब्ध है। यहां gold medalist gastroenterologist द्वारा 8+ years के experience के साथ stone removal की जाती है। 500+ endoscopic procedures successfully complete किए गए हैं जिनकी success rate 98% है।
Emergency में 24×7 उपलब्ध सुविधा है। Phone पर appointment के लिए 80056 87684 पर संपर्क करें।
Clinic address: Transport Gali, GS Road, opp. Laxmi Building, Bikaner
पथरी की समस्या आज कोई बड़ी बात नहीं है। Modern technology और experienced doctors के साथ इसे safely और effectively handle किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि सही समय पर सही इलाज लिया जाए और lifestyle में जरूरी बदलाव किए जाएं।
याद रखें कि prevention हमेशा cure से बेहतर है, early detection बड़ी problems से बचाता है और lifestyle changes 80% problems solve कर देते हैं। अगर कोई भी stone-related symptom दिखे तो delay न करें और expert care लें।
Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ educational purpose के लिए है। Personal medical advice के लिए कृपया qualified doctor से मिलें। Self-medication न करें।
पैंक्रियाटिक रोगों में विशेषज्ञ देखभाल के लिए अपॉइंटमेंट बुक करें।
80056-87684
drnikhilgandhi.com
Transport Gali, GS Road, opp. Laxmi Building, Bikaner

